Future And Option Trading In Hindi | Earn Money With F&O

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अगर आप भी फ्यूचर एण्ड ऑप्शंस ट्रेडिंग (F&O Trading) के विषय में जानना चाहते है तो आप बिल्कुल सही जगह है. जी हां आज के इस लेख के द्वारा हम फ्यूचर एण्ड ऑप्शंस ट्रेंडिंग से सम्बन्धित महत्वपूर्ण जानकारी को साझा करने वाले हैं

आइए जानते हैं कि फ्यूचर एण्ड ऑप्शंस ट्रेंडिंग क्या है? इसके लाभ और हानि क्या है? इसे कौन कर सकता है?

फ्यूचर ट्रेडिंग क्या है? | Future Trading In Hindi

फ्यूचर ट्रेंडिंग से तात्पर्य यह है. कि जब भविष्य के लिए पहले से किसी तय कीमत पर निवेश किया जाए. तो इस तरह की ट्रेडिंग को फ्यूचर ट्रेडिंग कहा जाता हैं हम एक उदाहरण के जरिये इसे समझ सकते है.

उदाहरण: फ्यूचर ट्रेंडिंग के जरिये कोई निवेशक अगर किसी वस्तु को एक विक्रेता से तय की गयी कीमत के लिए बुकिंग करता हैं.

अगर किसी क्रेता ने किसी गाढी़ के लिए 20,000 रूपये में बुक किया किसी निश्चित तारीख के लिए. तो उस तारीख में उस वस्तु की कीमत अगर भविष्य की उस तारीख में 30,000 रूपये होता हैं. तो भी इस फ्यूचर ट्रेडिंग से उस क्रेता को उस गाढी़ के लिए महज 20,000 रूपये का ही भुगतान करना होगा.

इस तरह की ट्रेडिंग या तो फायदेमंद होती है या नुकसानदेह.

ऑप्शंस ट्रेडिंग क्या है? | Option Trading In Hindi

ऑप्शंस ट्रेडिंग या विकल्प ट्रेडिंग के जरिये कोई भी व्यक्ति किसी वस्तु के लिए एक स्लॉट बुक कर सकता है. जिसका वह समय भविष्य में इस्तेमाल कर सकता हैं अगर आप भी इसके बारे मे और सरलता से जानना चाहते है तो आपको इस उदाहरण को देखना चाहिए

उदाहरण

अगर श्याम किसी निश्चित स्टॉक वाले 30,000 रूपये कीमत के फोन की बुकिंग ऑप्शंस ट्रेडिंग के तहत करता है तो उसे बुकिंग के लिए 5,000 रूपये एडवांस देने होगे. जब वह उस फोन को उस निर्धारित राशि पर लेगा तो उसे बचे हुए 25,000 रूपये देने होगे. परन्तु किसी कारणवश अब वह यह फोन नही लेना चाहता है. तो उसे कोई बाध्य नही कर सकता. परन्तु इस तरह की परिस्थिति में उसके द्वारा जमा 5,000 रूपये कंपनी द्वारा जब्त कर लिए जाएगां . इससे उसे 5,000 रूपये का नुकसान होगा.

विकल्प या ऑप्शंस ट्रेडिंग दो प्रकार हैं –

  • कॉल विकल्प
  • पुट विकल्प

कॉल विकल्प

इसमें खरीददार के पास एक तय राशि पर कोई उत्पाद खरीदने का विकल्प मौजूद होता हैं साथ ही इस तरह की ट्रेडिंग में उस उत्पाद को न खरीदने का भी अधिकार प्राप्त होता है.

पुट विकल्प

इस तरह की ट्रेडिंग में विक्रेता के पास यह विकल्प होता है कि उसने उत्पाद को जिस निश्चित मूल्य और भविष्य में निर्धारित तारीख़ पर कोई उत्पाद या वस्तु को खरीदने या बेचने का वायदा को तोड़ सकता हैं. ऐसी परिस्थिति में उसके पास भी इस समझौते को तोड़ने का अधिकार मौजूद होगा.

भविष्य और नियुक्ति धारक दृष्टिकोण

अगर आप भी शेयर बाज़ार से फायदा कमाना चाहते हैं तो आपको पहले अपने आप को सभी आंतरिक जोखिम के लिए खुद को तैयार रखना चाहिए. क्योकिं बाजार मे आया कोई भी उत्पाद आंतरिक जोखिम से भरा हो सकता है. इसलिए आ अपनी बनायी योजना या रणनीति के हिसाब से काम करे.

फ्यूचर एण्ड ऑप्शंस ट्रेंडिंग में अंतर

फ्यूचर एण्ड ऑप्शंस ट्रेंडिंग में यह अंतर है कि फ्यूचर ट्रेडिंग में 2 लोगों के बीच हुए समझौते को तोडा़ नही जा सकता हैं.
जबकि ऑप्शंस ट्रेंडिंग में आप अगर अपना समझौता तोड़ना चाहते हैं तो आपके द्वारा दी गयी स्लॉट बुकिंग राशि को वापस नही किया जाता है.

फ्यूचर ट्रेडिंग के लाभ

  • फ्यूचर ट्रेडिंग के जरिये हम किसी वस्तु को एक निश्चित कीमत पर फिक्स कर देते हैं
  • इस तरह की ट्रेडिंग से किसी वस्तु के दाम घटने या बढंने पर आपकी फिक्स की गयी फ्यूचर ट्रेंडिंग पर कोई फर्क नही पडे़गा.
  • फ्यूचर ट्रेडिंग के जरिये बहुत मुनाफा भी कमाया जा सकता है.

फ्यूचर ऑप्शंस ट्रेडिंग के नुकसान

  • इस तरह की ट्रेडिंग से भविष्य मे भारी नुकसान की भी सम्भावना रहती है.
  • इस तरह की ट्रेडिंग में आपको की गयी डील को पूरा करना आवश्यक होता है.
  1. फ़्यूचर और प्लेसमेंट समझौता

अगर आप फ्यूचर ट्रेडिंग करना चाहते है. तो आपको तीन बातो का ध्यान रखना चाहिए.

प्रोडक्ट संपत्ति का जिसका बिजनेस शुरू हो गया है
परिसंपत्ति की ट्रेडिंग डील और उसकी कीमत जिस पर आपने भविष्य ट्रेडिंग किया है.
फ्यूचर ट्रेंडिंग की तारीख

  1. रिजर्व मनी

रिजर्व मनी किसी वस्तु के लिए दी वह राशि है. जो कि उसकी बुकिंग करने पर जमा करना आवश्यक हैं. अगर वह डील तय समय पर दोनों पक्षों द्वारा पूरी की जाती है. तो जमा राशि को उह वस्तु की कीमत से घटा लिया जाएगा. परन्तु किसी कारणवश यह डील क्रेता के कारण पूरी नही होती है. तो उसके द्वारा दी गई बुकिंग राशि को जब्त कर लिया जाएगा.

  1. समझौता का अनुबंध (निपटान) नहीं करने पर क्या होगा?

अगर आप तय समयावधि में अनुबंधन को पूरा नही करते. तो ऐसी परिस्थिति में आपके नुकसान की अधिक संभावना बनी रहती हैं. इसलिए आपको अपनी अनुबंध तारीख का हमेशा ध्यान रखना चाहिए.

कमोडिटी मार्केट

ऑप्शन ट्रेडिंग शुरू करने के निवेशक के पास अपना ट्रेडिंग अकाउंट होना बेहद आवश्यक है. अगर आपका पहले से ही फ्यूचर ट्रेडिंग मार्केट में अकाउंट है. तो आपको अपने ब्रोकर को ऑप्शन ट्रेडिंग के लिए अपना सहमति पत्र देना आवश्यक है. इस अकाउंट से आप फ्यूचर एण्ड ऑप्शंस ट्रेंडिंग का लाभ ले सकते है.

आप जिस ब्रोकर द्वारा अपना ट्रेडिंग अकाउंट खुलवा रहे है. वह मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज या नेशनल डेरेवेटिव्स एक्सचेंज का मेम्बर होना आवश्यक है. उस ब्रोकर का मार्केट मे अनुभव भी बेहद जरूरी हैं

फ्यूचर एंड ऑप्शन ट्रेडिंग कैसे करें?

 अगर आपको फ्यूचर एंड ऑप्शन ट्रेडिंग करना है तो उसके लिए सबसे पहले आपको एक डीमैट अकाउंट ओपन करना होगा जिसके जरिए से आप अपने मोबाइल से फ्यूचर एंड ऑप्शन ट्रेड ले सकते हैं

Delivery Trading क्या है?

हम आपको Suggest करेंगे कि आप Growwपर अकाउंट बनाइए जो कि काफी सरल है और आसानी से आप इसमें ट्रेड ले सकते हैं नीचे दिए गए लिंक से अगर आप Groww पर अकाउंट बनाते हैं तो आपको ₹300 भी मिलेंगे जिससे आप सीख सकते हैं

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आशा करता हूं आप सभी को हमारी यह जानकारी पसंद आई होगी अगर आपको कोई सुझाव है या कुछ पूछना है तो आप हमें कमेंट सेक्शन के जरिए बता सकते हैं धन्यवाद

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