क्या आपके डीमेट अकाउंट में हैं डीलिस्टेड कंपनी के शेयर, अब कैसे निकालें अपनी पूंजी?

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शेयर मार्केट में ट्रेड करने के लिए आपको डीमेट अकाउंट की जरूरत होती है. इसी के जरिए आप शेयरों की खरीद या बिक्री के लिए पैसों का लेदनदेन होता है. इसे बंद करने के लिए भी एक शर्त है कि डीमेट अकाउंट में अमाउंट शून्य होना चाहिए. इसका आसान तरीका होता है कि आप अपने सारे शेयर उठाकर किसी दूसरे अकाउंट में ट्रांसफर कर दें या फिर सभी शेयरों को बेच दें.

लेकिन उस स्थिति में क्या करें जब आपके पास कोई ऐसा शेयर हो जो शेयर मार्केट से हट गया या हटा दिया गया हो. ऐसी स्थिति में भी आपको पैसा वापस मिलता है. इसके 2 तरीके होते हैं जिस पर हम आगे विस्तार से चर्चा करेंगे.

कंपनी जब अपनी मर्जी से डीलिस्ट हो
अगर कोई कंपनी स्वेच्छा से शेयर मार्केट से हट जाती है तो निवेशकों को रजिस्टर्ड ट्रांसफर एजेंट के पास जाकर ऑफलाइन प्रोसेस के तहत शेयर बेचने के लिए एक साल का समय मिलता है. कंपनी को वह कीमत देनी होगी जिस पर वह डीलिस्ट हुई थी. अगर एक साल से अधिक का समय हो चुका है तो शेयरधारक सीधे कंपनी से संपर्क कर सकता है और प्रवर्तकों को शेयर बेच सकता है.

यह एक ऑफ मार्केट ट्रांजेक्शन होगी. इसके अलावा शेयरधारक को शेयर डीमेटेरीयलाइज करने होंगे. इसका मतलब है कि शेयरों को इलेक्ट्रॉनिक से पेपर फॉर्म में लाना होगा. इसके लिए उन्होंने डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट के पास जाना होगा. इसमें 4-6 हफ्ते का समय लग सकता है.

स्वेच्छा से डीलिस्ट नहीं हुई कंपनी
अगर कंपनी स्वेच्छा से डीलिस्ट नहीं हई है तो आप शेयरों को रीमेटेरीयलाइज नहीं कर पाएंगे. ऐसे मामले में शेयरधारक अपने बैलेंस शेयरों को दूसरे डीमैट अकाउंट में ट्रांसफर कर सकता है. इसके लिए डिलिवरी इंस्ट्रक्शन स्लिप की जरूरत होगी.

आप अपने share over the market -OTC मे बेच सकते है लेकिन NSE या BSE से नही बेच सकते है। तो आपके पैसे डूबेंगे नही क्यूकी कंपनी अभी बंद नही हुवी है तो पहले जेसे share market नही हुआ करता था और ऑफलाइन share खरीदे बेचे जाते थे वैसे आप सेल कर सकते है।

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Kanchan
Kanchan

I Am Finance Content Writer Who Loves Trading and Share Information Related To Swing Trades and Indian Stocks News

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