नमस्ते दोस्तों, आज हम बात कर रहे हैं Tata Motors Passenger Vehicles Ltd की, जो TMPV के नाम से स्टॉक मार्केट में ट्रेड होती है।
यह कंपनी टाटा ग्रुप का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो भारत में पैसेंजर व्हीकल्स, जैसे कार्स, SUVs और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स बनाती है।
जैसा कि मैंने देखा है, टाटा मोटर्स हमेशा से भारत की ऑटो इंडस्ट्री में एक बड़ा नाम रही है, खासकर Nexon, Harrier जैसे मॉडल्स और EV सेगमेंट में अपनी मजबूत पकड़ के कारण।
आजकल निवेशक इस स्टॉक पर खास नजर रखे हुए हैं क्योंकि EV क्रांति आ रही है, सरकार इलेक्ट्रिक व्हीकल्स को पुश कर रही है, और टाटा जैसे ब्रैंड्स आगे निकलने की कोशिश में हैं।
मेरी राय में, अगर आप लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टर हैं, तो यह कंपनी भविष्य की मोबिलिटी में बड़ा रोल प्ले कर सकती है। लेकिन क्या होगा आगे?
देखते हैं इस आर्टिकल में स्टेप बाय स्टेप।
कंपनी का ओवरव्यू (Overview of company)
TMPV, जो Tata Motors से डिमर्ज होकर बनी है, मुख्यतः पैसेंजर व्हीकल्स पर फोकस करती है। यह कंपनी Jaguar Land Rover जैसे प्रीमियम ब्रैंड्स को भी हैंडल करती है, जो ग्लोबल मार्केट में पॉपुलर हैं।
भारत में, टाटा की कार्स सुरक्षित और अफोर्डेबल मानी जाती हैं, और EV में वे लीडर हैं – जैसे Tiago EV या Nexon EV। कंपनी का मार्केट कैप फिलहाल करीब 1.2 लाख करोड़ रुपये है (जनवरी 2026 तक), और यह NSE पर TMPV के नाम से लिस्टेड है।
जैसा कि मैंने रिसर्च किया है, कंपनी का फोकस अब EV, सस्टेनेबल मोबिलिटी और नई टेक्नोलॉजी पर है। पिछले कुछ सालों में, उन्होंने कई नए मॉडल लॉन्च किए हैं, और एक्सपैंशन प्लान भी मजबूत हैं।
लेकिन चुनौतियां भी हैं, जैसे कंपीटिशन और सप्लाई चेन इश्यूज। आपको क्या लगता है, TMPV भारत की EV रेस में जीतेगी?
स्टॉक का ऐतिहासिक प्रदर्शन (Historical performance of the stock)
TMPV का स्टॉक हिस्ट्री देखें तो, यह Tata Motors का हिस्सा था, इसलिए हम पुराने डेटा को उसी से लेते हैं, लेकिन डिमर्जर के बाद अलग हो गया। यहां एक टेबल है जो 2016 से 2026 YTD तक सालाना क्लोजिंग प्राइस दिखाती है, साथ में की इवेंट्स।
| Year | Closing Price (₹) | Key Events |
|---|---|---|
| 2016 | 405 | स्थिर मार्केट, JLR सेल्स ग्रोथ |
| 2017 | 425 | पैसेंजर व्हीकल्स में ग्रोथ, नए मॉडल्स |
| 2018 | 174 | JLR प्रॉब्लम्स, ग्लोबल ट्रेड वार |
| 2019 | 184 | ऑटो स्लोडाउन, डिमांड कम |
| 2020 | 183 | COVID इंपैक्ट, लेकिन EV बझ शुरू |
| 2021 | 482 | COVID रिकवरी, EV पुश, सेल्स बूस्ट |
| 2022 | 475 | सप्लाई चेन इश्यूज, चिप शॉर्टेज |
| 2023 | 779 | मजबूत सेल्स, EV मार्केट शेयर बढ़ा |
| 2024 | 1000 | रिकॉर्ड सेल्स, EV एडॉप्शन हाई |
| 2025 | 350 | डिमर्जर, प्राइस एडजस्टमेंट, मार्केट वोलेटिलिटी |
| 2026 YTD | 345 | इकोनॉमिक स्लोडाउन, लेकिन EV न्यूज |
2020-2021 में स्टॉक में बड़ा उछाल आया क्योंकि COVID से रिकवरी हुई, EV सेगमेंट में टाटा ने लीड ली, और JLR की सेल्स बढ़ी।
वह समय था जब लोग घर से बाहर निकले और नई कार्स खरीदने लगे, प्लस सरकार के इंसेंटिव्स ने मदद की। लेकिन उसके बाद फॉल आया – 2022 में चिप शॉर्टेज और इन्फ्लेशन के कारण सेल्स प्रभावित हुई, स्टॉक नीचे आया।
मेरी राय में, यह साइकिलिकल है, ऑटो इंडस्ट्री में ऐसे उतार-चढ़ाव आते रहते हैं। देखते हैं आगे क्या होता है।
शेयर की कीमत को प्रभावित करने वाले मुख्य कारक (Main factors affecting stock price)
TMPV की शेयर प्राइस पर कई फैक्टर्स असर डालते हैं। यहां कुछ मुख्य हैं, सरल भाषा में:
- EV मार्केट ग्रोथ: भारत में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स का बोलबाला बढ़ रहा है। टाटा की EV सेल्स अगर बढ़ी, तो प्राइस अप। लेकिन बैटरी कॉस्ट और चार्जिंग इंफ्रा अगर प्रॉब्लम बना, तो डाउन।
- कंपीटिशन: Maruti, Hyundai, Tesla जैसे राइवल्स से टक्कर। अगर टाटा नए मॉडल्स लाती रही, तो अच्छा, वरना प्राइस गिर सकती है।
- गवर्नमेंट पॉलिसी: PLI स्कीम, EV सब्सिडी जैसे फैक्टर्स। हाल की न्यूज में, 2026 में नए EV इंसेंटिव्स की बात है, जो पॉजिटिव हो सकता है।
- डिविडेंड और फाइनेंशियल्स: कंपनी डिविडेंड देती है, फिलहाल 1.5% यील्ड। अच्छा प्रॉफिट मार्जिन अगर बना रहा, तो निवेशक खुश।
- ग्लोबल फैक्टर्स: सप्लाई चेन, रॉ मटेरियल प्राइस (जैसे स्टील, बैटरी), और इकोनॉमिक स्लोडाउन। जैसा कि मैंने देखा है, JLR की ग्लोबल सेल्स बहुत मायने रखती है।
- लेटेस्ट न्यूज: हाल में Curvv EV लॉन्च की बात है, जो स्टॉक को बूस्ट दे सकती है।
ये फैक्टर्स मिलकर प्राइस तय करते हैं। क्या आपने इनमें से कोई नोटिस किया है?
2026-2027 के लिए शॉर्ट-टर्म प्रेडिक्शन (Short-term prediction for 2026-2027)
शॉर्ट-टर्म में, 2026-2027 के लिए एनालिस्ट्स का टारगेट काफी बैलेंस्ड है। फिलहाल, EPS करीब 15 रुपये अनुमानित है, और रेवेन्यू फोरकास्ट 50,000 करोड़ से ऊपर।
सरल शब्दों में, अगर EV सेल्स 20% बढ़ी, तो अच्छा। लेकिन इकोनॉमिक स्लोडाउन से रिस्क है। यहां एक छोटी रेंज है:
- Low: ₹300 (अगर मार्केट डाउन)
- Average: ₹400 (बेस केस, स्टेबल ग्रोथ)
- High: ₹500 (EV बूम, अच्छी सेल्स)
मेरी राय में, 2026 में 380-420 के बीच रह सकता है, और 2027 तक 450 अगर न्यू मॉडल्स हिट हुए। लेकिन मार्केट अनप्रेडिक्टेबल है, सावधानी से इन्वेस्ट करें।
लॉन्ग-टर्म स्टॉक प्राइस प्रेडिक्शन (Long-term stock price prediction)
लॉन्ग-टर्म में, TMPV का भविष्य EV, ऑटोनॉमस ड्राइविंग और सस्टेनेबल ट्रांसपोर्ट पर निर्भर है। यहां एक बड़ी टेबल है 2030, 2035, 2040, 2050 के लिए, बेयरिश, बेस, बुलिश केस के साथ।
| Year | Bearish Case (₹) | Base Case (₹) | Bullish Case (₹) | मुख्य वजह |
|---|---|---|---|---|
| 2030 | 500 | 800 | 1200 | EV मार्केट शेयर, गवर्नमेंट सपोर्ट, कंपीटिशन |
| 2035 | 700 | 1500 | 2500 | बैटरी टेक एडवांस, ग्लोबल एक्सपोर्ट, इकोनॉमी ग्रोथ |
| 2040 | 1000 | 3000 | 5000 | ऑटोनॉमस व्हीकल्स, हाइड्रोजन EV, इंडस्ट्री लीडरशिप |
| 2050 | 1500 | 6000 | 10000 | फुल EV ट्रांजिशन, स्मार्ट सिटी, सस्टेनेबल मोबिलिटी |
ये प्रेडिक्शन क्यों पॉसिबल हैं? सबसे पहले, बेयरिश केस में अगर कंपीटिशन बढ़ा, या बैटरी कॉस्ट नहीं घटी, तो ग्रोथ स्लो हो सकती है। मेरी राय में, भारत में EV एडॉप्शन 2030 तक 30% पहुंच सकता है, जो बेस केस को सपोर्ट करता है – टाटा की मजबूत पोजीशन से। बुलिश केस के लिए, अगर वे Tesla जैसे ग्लोबल प्लेयर को बीट कर दें, या JLR से प्रीमियम EV लाए, तो हाई ग्रोथ। लेकिन रिस्क भी हैं, जैसे टेक्नोलॉजी चेंज या इकोनॉमिक क्राइसिस। जैसा कि मैंने देखा है, लॉन्ग-टर्म में ऑटो स्टॉक्स कंपाउंडिंग से अच्छा रिटर्न देते हैं, लेकिन पेशेंस चाहिए। उसके बाद, 2050 के बाद क्या? शायद फ्लाइंग कार्स या कुछ नया, लेकिन TMPV अगर एडैप्ट करे, तो स्काई इज द लिमिट। आपको क्या लगता है, 2050 तक कितना पहुंचेगा?
क्या अभी स्टॉक खरीदना अच्छा है? (Is stock a good buy right now?)
अभी TMPV खरीदना अच्छा है या नहीं, यह आपकी रिस्क एपेटाइट पर निर्भर है। प्रोस की बात करें तो, डिविडेंड अच्छा है (करीब 1.5%), P/E रेश्यो लो है (15 के आसपास), और ट्रांसपोर्टेशन डिमांड बढ़ रही है EV की वजह से।
मेरी राय में, लॉन्ग-टर्म के लिए अच्छा, क्योंकि भारत में कार ओनरशिप बढ़ेगी। लेकिन कॉन्स भी हैं – पेटेंट क्लिफ जैसे इश्यूज (खासकर EV टेक पेटेंट एक्सपायर होने पर), कंपीटिशन तगड़ा है Tesla, Maruti से, और सप्लाई चेन रिस्क।
अगर आप शॉर्ट-टर्म सोच रहे हैं, तो वेट करें, क्योंकि 2026 में वोलेटिलिटी हो सकती है। पर्सनली, मैं कहूंगा कि अगर आप डाइवर्सिफाई करना चाहते हैं, तो छोटा अमाउंट इन्वेस्ट करें। लेकिन रिसर्च खुद करें, मैं कोई फाइनेंशियल एडवाइजर नहीं हूं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
2030 तक TMPV ₹1000 पहुंचेगा?
हां, बुलिश केस में पहुंच सकता है, अगर EV सेल्स मजबूत रही। लेकिन बेयरिश में 500 पर रह सकता है।
डिविडेंड कितना मिलता है?
फिलहाल 5-6 रुपये प्रति शेयर, यील्ड 1.5% के आसपास। कंपनी प्रॉफिटेबल रही तो बढ़ सकता है।
TMPV का P/E रेश्यो क्या है?
जनवरी 2026 में 15-16, जो इंडस्ट्री एवरेज से कम है, मतलब वैल्यू बाय हो सकता है।
EV सेगमेंट में TMPV की पोजीशन क्या है?
भारत में लीडर, 40% मार्केट शेयर EV में। Nexon EV पॉपुलर है।
क्या TMPV डिविडेंड स्टॉक है?
हां, रेगुलर डिविडेंड देती है, लेकिन ग्रोथ स्टॉक ज्यादा है।
2040 तक शेयर कितना हो सकता है?
बेस केस में 3000, अगर ऑटोनॉमस टेक आई।
क्या TMPV में रिस्क है?
हां, कंपीटिशन, रेगुलेटरी चेंज, और ग्लोबल इकोनॉमी से।
कैसे खरीदें TMPV शेयर?
ब्रोकर ऐप जैसे Zerodha से, NSE पर।
2050 के बाद क्या?
अगर कंपनी इनोवेट करती रही, तो हाई ग्रोथ, लेकिन अनप्रेडिक्टेबल।
एनालिस्ट रेटिंग क्या है?
ज्यादातर ‘होल्ड’ या ‘बाय’, टारगेट 400-450 12 महीने में।
Conclusion
दोस्तों, TMPV का भविष्य उज्ज्वल लगता है, खासकर EV और नई टेक से। लेकिन मार्केट में रिस्क हमेशा रहते हैं। मेरी राय में, अगर आप लॉन्ग-टर्म सोचते हैं, तो इसमें पोटेंशियल है।
लेकिन खुद रिसर्च करें, और फाइनेंशियल एडवाइजर से बात करें। यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है।
कमेंट में बताएं, आपको क्या लगता है TMPV के बारे में?


