नमस्ते दोस्तों!
आजकल स्टॉक मार्केट में बहुत सारी स्टोरीज चल रही हैं, लेकिन कुछ ऐसी होती हैं जो सच में दिल छू जाती हैं।
हाल ही में एक ऐसी न्यूज आई जो Wall Street पर भी सुर्खियां बटोर रही है – Mala Gaonkar की हेज फंड SurgoCap Partners ने लॉन्च के सिर्फ तीन साल में अपने एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) को $6 बिलियन (करीब 50,000 करोड़ रुपये) तक पहुंचा दिया है।
हाँ, आपने सही पढ़ा – तीन साल! जनवरी 2023 में जब फंड शुरू हुआ था, तब AUM $1.8 बिलियन के आसपास था। मतलब, ट्रिपल ग्रोथ! मेरी राय में, यह हेज फंड इंडस्ट्री में एक रेयर और इम्प्रेसिव उपलब्धि है।
जैसा कि मैंने Bloomberg, Economic Times और कई अन्य सोर्स से पढ़ा है (जनवरी 2026 की रिपोर्ट्स), SurgoCap Partners अब उन चुनिंदा फंड्स में शामिल हो गया है जो इतनी तेजी से स्केल कर पाए।
आमतौर पर नए हेज फंड्स को इतना बड़ा बनने में 10-15 साल लग जाते हैं, लेकिन यहां सिर्फ तीन साल में ऐसा हो गया। आपको क्या लगता है, यह सिर्फ लक है या कुछ स्पेशल स्ट्रैटेजी?
Mala Gaonkar कौन हैं?
Mala Gaonkar कोई नई नाम नहीं हैं। वे पहले Lone Pine Capital में पार्टनर थीं – एक बहुत बड़ा और रिस्पेक्टेड हेज फंड, जहां Stephen Mandel जैसे बड़े नाम काम करते हैं। Lone Pine में उन्होंने सालों तक काम किया, ग्लोबल इन्वेस्टमेंट्स हैंडल किए, और टेक्नोलॉजी, इनोवेशन वाले बिजनेस पर फोकस किया। 2022 के अंत में उन्होंने अपना खुद का फंड SurgoCap Partners शुरू किया।
फंड का फोकस है – डिसरप्टिव टेक्नोलॉजीज, इनोवेटिव कंपनियां जो लॉन्ग-टर्म में बड़ा बदलाव ला सकती हैं। जैसे AI, हेल्थकेयर टेक, फिनटेक, या कोई भी ऐसा बिजनेस जो दुनिया बदल रहा हो।
उनका स्टाइल बहुत रिसर्च-बेस्ड है – वे कंपनियों को गहराई से समझती हैं, उनके कॉम्पिटिटिव एडवांटेज देखती हैं, और लॉन्ग-टर्म होल्ड करती हैं। एक पॉडकास्ट में उन्होंने कहा था कि “great businesses” वो होते हैं जिनके पास durable advantages हों, और वे गलतियों से सीखते रहते हैं।
मेरी राय में, उनका छोटा टीम होना भी एक बड़ा प्लस है। रिपोर्ट्स कहती हैं कि उनका इन्वेस्टमेंट टीम इतना छोटा है कि “एक पिज्जा टेबल पर फिट हो जाए” – लेकिन बहुत फोकस्ड और एफिशिएंट। बड़े फंड्स में सैकड़ों लोग होते हैं, लेकिन यहां क्वालिटी ओवर क्वांटिटी।
तीन साल में $6 बिलियन कैसे पहुंचे?
यह ग्रोथ कैसे हुई? कुछ मुख्य वजहें:
- मजबूत परफॉर्मेंस: फंड ने अच्छे रिटर्न्स दिए होंगे। पिछले तीन सालों में टेक और इनोवेशन स्टॉक्स में अच्छी रैली रही – AI बूम, क्लाउड, आदि। SurgoCap का फोकस इसी पर था, तो रिटर्न्स हाई आए।
- क्रेडिबिलिटी: Lone Pine से बैकग्राउंड होने से बड़े इंस्टीट्यूशनल निवेशक (पेंशन फंड्स, फैमिली ऑफिसेज) आसानी से ट्रस्ट करते हैं।
- मार्केट टाइमिंग: 2023-2025 में ग्लोबल मार्केट्स में टेक रिकवरी हुई, और SurgoCap ने इसका फायदा उठाया।
- नए इन्वेस्टर्स का आना: अच्छे रिटर्न्स देखकर नए क्लाइंट्स आए, और फंड ने कैपिटल रेज किया।
यह दिखाता है कि अगर ट्रैक रिकॉर्ड मजबूत हो, और स्ट्रैटेजी क्लियर, तो ग्रोथ तेज हो सकती है। लेकिन याद रखें, हेज फंड्स हाई-रिस्क होते हैं – एक गलत कॉल से सब बदल सकता है।
भारतीय निवेशकों के लिए क्या मतलब?
हम भारतीय निवेशक ज्यादातर म्यूचुअल फंड्स, स्टॉक्स या इंडेक्स फंड्स में रहते हैं। लेकिन Mala Gaonkar की स्टोरी हमें सिखाती है:
- लॉन्ग-टर्म थिंकिंग: क्विक रिच स्कीम्स नहीं, बल्कि अच्छी कंपनियां चुनो।
- रिसर्च की पावर: गहराई से समझो, सिर्फ टिप्स पर मत जाओ।
- पेशेंस: तीन साल में $6 बिलियन – लेकिन पीछे सालों की मेहनत है।
- डाइवर्सिफिकेशन: उनका फोकस ग्लोबल है, हम भी इंटरनेशनल एक्सपोजर ले सकते हैं (जैसे इंडेक्स फंड्स में)।
मेरी राय में, अगर आप युवा इन्वेस्टर हैं, तो ऐसी स्टोरीज पढ़कर मोटिवेट होओ। शायद एक दिन आप भी अपना पोर्टफोलियो इतना बड़ा बना लो!
अंत में…
Mala Gaonkar की यह सफलता दिखाती है कि फाइनेंशियल वर्ल्ड में महिलाएं भी टॉप पर पहुंच सकती हैं, और नया फंड भी तेजी से ग्रो कर सकता है। SurgoCap अब $6 बिलियन का है, लेकिन आगे क्या होगा – यह परफॉर्मेंस पर निर्भर करेगा।
आपको यह स्टोरी कैसी लगी?
क्या आप हेज फंड्स में इंटरेस्टेड हैं, या सिर्फ स्टॉक मार्केट? कमेंट में बताओ। अगर आप चाहें तो अगले आर्टिकल में किसी और इंस्पायरिंग इन्वेस्टर की स्टोरी लाऊंगा।


